खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की। आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है। अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे। क्यों की जीसकी जीतनी जरुरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे। ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा भी कितना अजीब है, शामें कटती नहीं, और साल गुज़रते चले जा रहे हैं....!! एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी, जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं, और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं।. Just Enjoy the Life Journey !
तू देख या ना देख;तेरे देखने का गम नहीं„पर तेरी ये ना देखने की अदा भी देखने से कम नहीं ...
Log Har Mod Pe Ruk-Ruk ke Sambhalte Q Hai,Itna Darte h to Ghar Se Nikalte kyun Hai
कभी हमारी दोस्ती पे शक हो तो अकेले में सिक्का उछाल लेना दोस्त ,चित्त गिर तो हमारी दोस्ती पक्की,और पत गिर तो सिक्का पलट लेना मेरे दोस्त अकेले में कोन देखता है
tum kise or se ishq kr lo hame sudharne me tym lagega...